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डिस्पोजल ग्लास में चाय पीते हैं तो हो जाएँ सावधान…जरूरी है ये सच जानना

जैसे-जैसे विज्ञानं ने तरक्की की मानव जीवन सरल तो हुआ ही किन्तु हर अच्छी चीज के साथ कुछ ना कुछ बुराइयां भी जुडी होती है ऐसे ही विज्ञानं की देन प्लास्टिक का उपयोग भी हर प्रकार की वास्तु बनाने में इस्तेमाल होने लगा और इसी कड़ी में यूज एंड थ्रू (इस्तेमाल करो और फेको) का उपयोग भी बहोत होने लगा है लेकिन इस जल्दबाजी में हम ये नही सोचते कि इसका असर क्या हो सकता है। ऐसी ही एक चीज आजकल खूब इस्तेमाल हो रही है वो डिस्पोजल ग्लास । चाहें चाय की चुस्‍की लेनी हो या खाना पैक करवाना हो, दुकानों और होटलों पर डिस्‍पोजल कप और पॉलिथिन का इस्‍तेमाल जमकर होता है।अगर आप भी इन चीजों का इस्‍तेमाल करते हैं, तो ये पोस्ट पूरा जरूर पढ़िए क्योंकि डिस्पोजल ग्लास का प्रयोग आपके लिए किस हद तक नुकसानदायक हो सकता है ये जानने के बाद शायद ही आप इसका प्रयोग करेंगे।

घर में शुभ कार्यक्रम हो या बाहर कहीं खाना पीना हो डिस्पोजल का प्रयोग करना सभी को आसान लगता है लेकिन सावधान हो जाएं क्‍योंकि यह आपके लिए धीमे जहर की तरह है।

जिस्पोजल ग्लास में होती है वैक्स कोटिंग


ये कैसे हैं इसे जानने के लिए अगर डिस्पोजल ग्लास में चाय डालने से पहले ग्लास में रगड़कर उंगली घुमाये आप पायेंगे की आपकी उंगली हल्की सी चिकनी हो गई है। जी हां ग्लास आपस में चिपके नहीं इसलिये मशीन द्वारा इनमें हल्की सी मोम की परत लगा दी जाती है और जब हम इसमें गर्मा गर्म चाय डालते है तो यह जहरीला मोम पिघलकर चाय में मिलकर हमारे शरीर में चला जाता है। जी हां गर्म चीजों के संपर्क में आने से डिस्पोजल ग्लास व पॉलीथिन के केमिकल खाने के सहारे शरीर में पहुंच जाते हैं। इससे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है और बाद में गंभीर बीमारियां भी हो जाती हैं।

यह अलग बात है कि चाय गर्म होने के कारण इसके स्वाद का हमें पता नहीं लगता।गर्म चाय डिस्पोजल गिलास में डाले और उस चाय को पानी तरह ठण्डा होने दे फिर ठण्डी चाय की घुट भरे। यकीन मानिये सारे दिन आपके मुंह का स्वाद कोई ठीक नहीं कर सकता। कहते है यह केमिकल पी कर हम कैंसर को न्यौता दे रहे हैं।

स्वास्थ्य पर पड़ता हैं घातक प्रभाव


प्लास्टिक के ग्लासों में चाय या फिर गर्म दूध का सेवन करने से उसका केमिकल लोगों के पेट में चला जाता है। इससे डायरिया के साथ ही अन्य गंभीर बीमारियां होती हैं साथ ही इससे कैंसर डायबिटीज़, दिल की बीमारियां और किडनी फेल हो सकती है। डॉक्टर्स का कहना है कि प्लास्टिक के कप में गरम चाय का लगातार सेवन करने से किडनी और लीवर के कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।

मानसिक शक्ति होती है क्षीण


डिस्‍पोजल में मौजूद केमिकल दिमाग के कार्यकलाप प्रभावित होता हैं, जिसके कारण इंसान की समझने और याद रखने की शक्ति कम होने लगती है।

पर्यावरण को भी होता है नुकसान


प्लास्टिक के डिस्पोजल कप में गरमागरम चाय की चुस्कियां न सिर्फ आपकी सेहत के लिए खतरनाक हैं बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है। प्लास्टिक के कप नष्ट नहीं होते हैं, इसलिए इन्हें जब नालों या नालियों में फेंक दिया जाता है। बारिश में ये नालियों बाधित करते हैं और जलभराव का कारण बनते हैं जिनसे प्रदूषण बढ़ता है और इस प्रकार से हुआ प्रदूषण भी हमारे स्वास्थ्य घातक प्रभाव डालता है।

ज़ाहिर है डिस्पोजल ग्लास का प्रयोग हर तरह से हमारे लिए नुकसानदायक ही है .. ऐसे में थोड़ी सी सहूलियत की बजाए हमें स्वास्थय पर ध्यान देते हुए इनका प्रयोग करना तत्काल छोड़ देना चाहिए, आशा करते है आप पर्यावरण तथा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए आज से ही डिस्पोजल ग्लास का प्रयोग हर तरह बंद करेंगे एवं अपने प्रियजनों को भी इस बात की जानकारी देंगे।

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