प्रेरणा स्रोत्र: अटल बिहारी वाजपेयी | Atal Bihari Vajpayee Hindi

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Atal Bihari Vajpayee Hindi

प्रेरणा स्रोत्र: अटल बिहारी वाजपेयी | Atal Bihari Vajpayee Hindi

Atal Bihari Vajpayee Hindi: उत्तर प्रदेश की बलरामपुर संसदीय सीट से चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे एक 37 वर्षीय नौजवान सांसद ने 1962 के चीन युद्ध में भारत की शर्मनाक पराजय के बाद संसद में बोलते हुए तत्कालीन कांग्रेसी सरकार और उसके मुखिया प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों की धज्जियां उड़ा दी थी.

उस नौजवान के सम्बोधन से प्रभावित हुए प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू स्वयं को रोक नहीं सके थे और उस नौजवान की सीट पर जाकर उसको बधाई देते हुए बोले थे कि तुम एक दिन इस देश के प्रधानमंत्री बनोगे.

34 साल बाद नेहरू जी की वो भविष्यवाणी सही सिद्ध हुई थी. उस नौजवान का नाम था अटल बिहारी वाजपेयी जो 1996 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे.

वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ। उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था। उनके पिता कृष्णा बिहारी वाजपेयी अपने गाव के महान कवी और एक स्कूलमास्टर थे।

अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ग्वालियर के बारा गोरखी के गोरखी ग्राम की गवर्नमेंट हायरसेकण्ड्री स्कूल से शिक्षा ग्रहण की थी। बाद में वे शिक्षा प्राप्त करने ग्वालियर विक्टोरिया कॉलेज (वर्तमान में लक्ष्मी बाई कॉलेज) गये और हिंदी, इंग्लिश और संस्कृत में डिस्टिंक्शन से पास हुए। उन्होंने कानपूर के दयानंद एंग्लो-वैदिक कॉलेज से पोलिटिकल साइंस में अपना पोस्ट ग्रेजुएशन एम.ए में पूरा किया।

1939 में एक स्वयंसेवक की तरह वे राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हो गये। और वहा बाबासाहेब आप्टे से प्रभावित होकर, उन्होंने 1940-44 के दर्मियान संघ के प्रशिक्षण कैंप में प्रशिक्षण लिया और 1947 में संघ के पुर्णकालिन कार्यकर्ता(प्रचारक) बने।

93 साल के उम्र में आजादी के 72वे साल पूरा होने के एक दिन बााद 16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपयी जी ने इस  दुनिया को छोड़ दिया।

अटल जी का व्यक्तित्व: 

Atal Bihari Vajpayee Hindi

अटल जी इतने विराट राजनीतिक व्यक्तित्व के स्वामी थे कि विपक्ष भी उनके खिलाफ कभी कोई व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचता था. स्व.नरसिम्हा राव और स्व. चंद्रशेखर सरीखे भारतीय राजनीति के दिग्गज उन्हें सार्वजनिक रूप से अपना राजनीतिक गुरु कहते और स्वीकारते थे. 1999 में जब एक वोट से अटल सरकार गिर गयी थी तब स्व.चंद्रशेखर ने कहा था कि यदि मुझे यह मालूम होता कि सरकार एक वोट से गिरने जा रही है तो मैं अपना वोट अटल जी की सरकार के पक्ष में देता.

विपक्ष में रहते हुए जगुआर विमान सौदे में मुद्रा असंतुलन की जटिल उलझन सुलझाने का मामला रहा हो या संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि बनकर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाने का मामला रहा हो. अटल जी की ख्याति के सागर में उमड़ने वाली उनकी प्रशंसा की गगनचुम्बी लहरें दलीय सीमाओं के बाँध तोड़ देती थीं।

भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न सैन्य शक्ति बनाने वाले अटल जी को देश कैसे भूल जाएगा.? 1998 में जब अटल जी ने देश की कमान संभाली थी उस समय देशवासी 16 रुपये प्रति मिनट आउटगोइंग और 8 रुपये प्रति मिनट इनकमिंग प्रति कॉल की दर पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करते थे। मोबाइल हैंडसेटों का न्यूनतम मूल्य 25 हज़ार होता था। मई 2004 में जब अटल जी ने सत्ता छोड़ी थी तो देशवासी 2 हज़ार रुपये के मोबाइल हैंडसेट के साथ 1 रुपये प्रति मिनट आउटगोइंग की दर से मोबाइल सेवाओं का उपयोग कर रहे थे। इनकमिंग कॉल की वसूली इतिहास के पन्नों में दफन हो चुकी थी।

भारतीय इतिहास में अटल जी अकेले ऐसे शासक हैं जिन्होंने सब सुविधाओं से सुसज्जित विशालकाय सड़कों वाले भारत की अपनी कल्पना को अपने कार्यकाल में ही स्वर्णिम चतुर्भुज नाम की अपनी योजना को धरातल पर क्रियान्वित कर दिखाया था। पहले की पीढ़ी भलीभांति यह जानती है कि भारतीय राजनीति के उस “अटल काल” से पहले भारतीय सड़कों की स्थिति कितनी दयनीय और दरिद्र थी।

ऐसी अनेक उपलब्धियां हैं अटल जी के खाते में। यह उपलब्धियां इसलिए अत्यंत विलक्षण हो जाती हैं क्योंकि परमाणु परीक्षण के पश्चात लगे और लम्बे समय तक चले वैश्विक आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद उन्होंने यह उपलब्धियां अपनी उस सरकार के माध्यम से प्राप्त की थीं जो गठबन्धन के 26 सहयोगियों की बैसाखियों पर टिकी हुई थी। लेकिन 2004 में सत्ता से जाते समय 8% की विकास दर की विरासत अटल जी छोड़कर गए थे। यह संक्षिप्त विवरण बता देता है कि अटल जी क्या थे कैसे थे.?

Atal Bihari Vajpayee Hindi | अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक सफर पर एक नजर:

Dinadayal upadhyay with atal vihari bajpayee

  • 1951 में अटल जी भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्य के रूप में चुने गए।
  • 1968 से 1973 तक वो भारतीय जन संघ के अध्यक्ष रहे। विपक्षी पार्टियों के अपने दूसरे साथियों की तरह उन्हें भी आपातकाल के दौरान जेल भेजा गया।
  • 1977 में जनता पार्टी सरकार में उन्हें विदेश मंत्री बनाया गया। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में उन्होंने हिंदी में भाषण दिया और वो इसे अपने जीवन का अब तक का सबसे अच्छा पल बताते हैं।
  • 1980 में वो बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे. 1980 से 1986 तक वो बीजेपी के अध्यक्ष रहे और इस दौरान वो बीजेपी संसदीय दल के नेता भी रहे।
  • अटल बिहारी वाजपेयी अब तक नौ बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं।
  • 1962 से 1967 और 1986 में वो राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
  • 16 मई 1996 को वो पहली बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन लोकसभा में बहुमत साबित न कर पाने की वजह से 31 मई 1996 को उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा। उनकी यह सरकार महज 13 दिन ही चली।
  • इसके बाद 1998 तक वो लोकसभा में विपक्ष के नेता रहे।
  • 1998 के आमचुनावों में सहयोगी पार्टियों के साथ उन्होंने लोकसभा में अपने गठबंधन का बहुमत सिद्ध किया और इस तरह एक बार फिर प्रधानमंत्री बने लेकिन AIDMK  द्वारा गठबंधन से समर्थन वापस ले लेने के बाद उनकी सरकार गिर गई और एक बार फिर आम चुनाव हुए.
  • 1999 में हुए चुनाव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साझा घोषणापत्र पर लड़े गए और इन चुनावों में वाजपेयी के नेतृत्व को एक प्रमुख मुद्दा बनाया गया । गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ और वाजपेयी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली ।
  • अटलजी की इस सरकार ने अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया और इस माध्यम से उन्होंने देश में गठबंधन की राजनीति को नया आयाम दिया। इन 5 सालों में राजग सरकार ने गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए अनेक योजनाएं लागू कीं।
  • अटल सरकार ने भारत के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की शुरुआत की और दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नई व मुम्बई को राजमार्ग से जोड़ा गया।  2004 में देश में लोकसभा चुनाव हुआ और भाजपा के नेतृत्व वाले राजग ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में शाइनिंग इंडिया का नारा देकर चुनाव लड़ा।
  • इन चुनावों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। वामपंथी दलों के समर्थन से काँग्रेस ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व में केंद्र की सरकार बनायी और भाजपा को विपक्ष में बैठना पड़ा।
  • इसके बाद लगातार अस्वस्थ रहने के कारण अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति से संन्यास ले लिया। अटल जी ने भारतीय राजनीति का आयाम स्थापित किया है। जो कि हमेशा याद किया जाएगा …
  • अटल जी को देश-विदेश में अब तक अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
  • 25 दिसम्बर 2014 को राष्ट्रपति कार्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी जी को भारत का सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न दिया गया (घोषणा की गयी थी)। उन्हें सम्मान देते हुए भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी खुद 27 मार्च 2015 को उनके घर में उन्हें वह पुरस्कार देने गये थे। उनका जन्मदिन 25 दिसम्बर गुड गवर्नेंस डे के रूप में मनाया जाता है।

Atal Bihari Vajpayee Hindi | अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के अन्य प्रमुख कार्य:

  1. 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया।
  2. 19 फ़रवरी 1999 को पाकिस्तान से अच्छे संबंधों में सुधार की पहल करतें हुए सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस की सेवा शुरू की गई।
  3. स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना
  4. कावेरी जल विवाद को सुलझाया, जो 100 साल से भी ज्यादा पुराना विवाद था।
  5. संरचनात्मक ढाँचे के लिये बड़ा कार्यदल, विद्युतीकरण में प्रगति लाने के लिये केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग, सॉफ्टवेयर विकास के लिये सूचना एवं प्रौद्योगिकी कार्यदल, आदि का गठन किया।
  6. देश के सभी हवाई अड्डों एवं राष्ट्रीय राजमार्गोंका विकास किया; कोकण रेलवे तथा नई टेलीकॉम नीति की शुरुआत करके बुनियादी संरचनात्मक ढाँचे को मजबूत करने जैसे कदम उठाये।
  7. आर्थिक सलाह समिति, व्यापार एवं उद्योग समिति, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति, भी गठित कीं। जिस वजह से काफी जल्दी काम होने लगे।
  8. अर्बन सीलिंग एक्ट समाप्त करके आवास निर्माण को प्रोत्साहन दिया।
  9. उन्होंने बीमा योजना की भी शुरवात की जिस वजह से ग्रामीण रोजगार सृजन एवं विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगोंको (NRI) काफी फायदा हुआ।

ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी स्व. अटल जी को शत-शत नमन🙏

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