मास्टर सूर्यसेन चटगांव कांड के नायक 18 अक्तूबर, 1893

238
मास्टर

चटगांव कांड के नायक मास्टर सूर्यसेन

मास्टर सूर्यसेन

मास्टर सूर्यसेन:”18 अक्तूबर/जन्म-दिवस”

मास्टर सूर्यसेन का जन्म 18 अक्तूबर, 1893 को चटगांव (वर्तमान बांग्लादेश) के नवपाड़ा ग्राम में हुआ था। शिक्षा पूरी कर वे अध्यापक बने; पर फिर इसे ठुकरा कर स्वाधीनता संग्राम में कूद गये। 

मास्टर सूर्यसेन:इंडियन रिपब्लिक आर्मी

‘मास्टर दा’ ने पूर्वोत्तर भारत में अपने क्रांतिकारी संगठन ‘साम्याश्रम’ की स्थापना की। 1924 में पुलिस ने इन्हें पकड़ कर चार साल के लिए जेल में डाल दिया। 1928 में कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में सुभाष बाबू के नेतृत्व में 7,000 जवानों की सैनिक वेष में परेड से प्रभावित होकर इन्होंने अपने दल को सशस्त्र कर उसका नाम ‘इंडियन रिपब्लिक आर्मी’ रख दिया। 

चटगांव कांड के नायक मास्टर सूर्यसेन
The only portrait of Master da Surya Sen चटगांव कांड के नायक मास्टर सूर्यसेन

मास्टर सूर्यसेन:चटगांव

धीरे-धीरे इस सेना में 500 युवक एवं युवतियां भर्ती हो गये। अब इसके लिए शस्त्रों की आवश्यकता थी। अतः 18 अपै्रल, 1930 की रात को चटगांव के दो शस्त्रागारों को लूटने की योजना बनाई गयी। मास्टर सूर्यसेन ने अपने दो प्रतिनिधि दिल्ली भेज कर चंद्रशेखर आजाद से संपर्क किया। 

 

मास्टर सूर्यसेन:18 अपै्रल

आजाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपनी शुभकामनाओं के साथ दो पिस्तौल भी उन्हें भेंट की। 18 अपै्रल को सब सैनिक वेश में निजाम पल्टन के अहाते में एकत्र हुए। दल के एक भाग को पुलिस एवं दूसरे को सैनिक शस्त्रागार लूटना था। पौने दस बजे मास्टर दा ने कूच के आदेश दे दिये। 

Symbol of Anushilan Samiti (1902-1936)
Symbol of Anushilan Samiti (1902-1936)

शस्त्रागार कांड

सबने योजनानुसार काम करते हुए टेलिफोन के तार काटे, बंदरगाह जाकर वायरलैस व्यवस्था भंग की तथा रेल की पटरियां उखाड़ दीं। जो दल पुलिस शस्त्रागार पहुंचा, उसे देखकर पहरेदार को लगा कि वे कोई बड़े अधिकारी हैं। अतः उसने दरवाजा खोल दिया। उन्होंने पर्याप्त शस्त्र अपनी गाड़ी में भर लिये। विरोध करने वालों को गोली मार दी तथा शेष शस्त्रों पर तेल डालकर आग लगा दी। मास्टर सूर्यसेन ने यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहरा दिया। 

दूसरा दल सैनिक शस्त्रागार पर जा पहुंचा। उसके नेता लोकनाथ बल बहुत गोरे-चिट्टे थे। उनकी वेशभूषा देखकर वहां भी उन्हें सैल्यूट दिया गया। शस्त्रागार के ताले तोड़कर शस्त्र लूट लिये गये। विरोध करते हुए सार्जेंट मेजर कैरल मारा गया; पर क्रांतिकारी पक्ष की कोई जनहानि नहीं हुई। सफल अभियान के बाद सब जलालाबाद की पहाड़ी जा पहुंचे। संचार व्यवस्था भंग होने से अगले चार दिन तक चटगांव का प्रशासन क्रांतिकारियों के हाथ में ही रहा।

चटगांव का सेंट्रल जेल, बांग्लादेश, जहां सेन को फांसी दी गई थी। बांग्लादेश सरकार ने इसे ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया है। चटगांव कांड के नायक मास्टर सूर्यसेन
चटगांव का सेंट्रल जेल, बांग्लादेश, जहां सेन को फांसी दी गई थी। बांग्लादेश सरकार ने इसे ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया है। चटगांव कांड के नायक मास्टर सूर्यसेन

16 फरवरी, 1933

22 अपै्रल को संचार व्यवस्था फिर से ठीक कर अंग्रेजों ने पहाड़ी को घेर लिया। इस संघर्ष में 11 क्रांतिकारी मारे गये, जबकि 160 ब्रिटिश सैनिक हताहत हुए। कई क्रांतिवीर पकड़े भी गये। मास्टर सूर्यसेन पर 10,000 रु0 का पुरस्कार घोषित किया गया; पर वे हाथ नहीं आये। अंततः गोइराला गांव के शराबी जमींदार मित्रसेन ने थानेदार माखनलाल दीक्षित द्वारा दिये गये प्रलोभन में फंसकर 16 फरवरी, 1933 को उन्हें अपने घर से पकड़वा दिया। क्रांतिवीरों ने कुछ दिन बाद उस जमींदार तथा थानेदार को यमलोक भेज दिया। 

चटगांव का सेंट्रल जेल, बांग्लादेश, जहां सेन को फांसी दी गई थी। बांग्लादेश सरकार ने इसे ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया है। चटगांव कांड के नायक मास्टर सूर्यसेन
चटगांव का सेंट्रल जेल, बांग्लादेश, जहां सेन को फांसी दी गई थी। बांग्लादेश सरकार ने इसे ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया है।

मास्टर सूर्यसेन:12 जनवरी, 1934, वन्दे मातरम्

मुकदमे के बाद 12 जनवरी, 1934 उनकी फांसी की तिथि निश्चित हुई। फांसी के लिए ले जाते समय वे ऊंचे स्वर से वन्दे मातरम् का उद्घोष करने लगे। इससे जेल में बंद उनके साथी भी नारे लगाने लगे। इससे खीझकर जेल वार्डन मास्टर दा के सिर पर डंडे मारने लगा; पर इससे उनका स्वर और तेज हो गया। अंततः डंडे की मार से ही मास्टर जी का प्राणांत हो गया। क्रूर जेल प्रशासन ने उनके शव को ही फांसी पर लटकाकर अपना क्रोध शांत किया।   

वन्दे मातरम् !!

 

(संदर्भ  : क्रांतिकारी कोश/स्वतंत्रता सेनानी सचित्र कोश)


इस लेख को मराठी में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

https://marathi.gyangoon.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%9a%e0%a4%9f%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%98/

 


मित्रों आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके अवश्य बताएं. और हमसे जुड़े रहने के लिए हमारे फेसबुक पेज को जरूर लाइक करें एवं ट्विटर पे फॉलो कर सभी समाचार पाएं।

1 Comment

Leave a Reply